“कार्यालय में हिंदी का प्रयोग एवं हिंदी वर्तनी, उच्चारण और सामान्य व्याकरण” पर राजभाषा कार्यशाला
“कार्यालय में हिंदी का प्रयोग एवं हिंदी वर्तनी, उच्चारण और सामान्य व्याकरण” पर राजभाषा कार्यशाला
भाकृअनुप – केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान गोवा के प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा के उपयोग को बढ़ावा देने एवं कर्मचारियों को राजभाषा के प्रति संवेदनशील करने के लिए दिनांक 17.05.2024 अपरान्ह 4.00 बजे संस्थान के बैठक कक्ष में “कार्यालय में हिंदी का प्रयोग एवं हिंदी वर्तनी, उच्चारण और सामान्य व्याकरण” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री आदित्य भांगी, सहायक प्राध्यापक , गोवा विश्वविद्यालय, तालिगाँव, गोवा थे।
श्री आदित्य भांगीजी ने मानक हिंदी वर्तनी एवं राजभाषा का लिखित रूप में प्रयोग हेतु ध्वनि, शब्द, रूप, वाक्य आदि का राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता लाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानक हिंदी की ध्वनियों को दो वर्गों (स्वर एवं व्यंजन) में बाँटा गया है और हिंदी व्यंजन को स्वर के साथ ही लिखा व बोला जाता है इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि भारतीय संख्या सूचक चिन्हों का सामान्य अंतर्राष्ट्रीय रूप में प्रयोग करना चाहिए ।
उन्होने हिंदी भाषा का प्रयोग करते समय होने वाली गलतियों के बारे में विस्तार से बताया जैसे की
शब्दों में बिंदी का उपयोग, एक वचन और बहुवचन का उपयोग, वाक्यों की गलतियाँ आदि। कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं।
सामान्य शब्दों की गलतियाँ |
सामान्य उच्चारण की गलतियाँ |
||
गलत |
सही |
शब्द |
उच्चारण |
हिन्दी |
हिंदी |
फल |
phal not fal |
केन्द्रीय |
केंद्रीय |
ज़्यादा |
Zyada not jyada |
इस कार्यशाला में संस्थान के 20 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। उप राजभाषा अधिकारी श्रीमति श्रेया बर्वे, निजी सहायक ने सभी को आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।